रावन दहन
हर साल मुझे जलाते हो ।
पर तुम खुद ये जानते हो मानते हो ।
मै नही जलता
इस लिऎ तो तुम मुझे हर साल जालाते हो
मै पुतले मे नही तुम मे रहता हुं ।
भ्रष्टाचार काला धन रिशवत की तुम करो लाख बुराई
पर तुमको रहता अफसोश कि तुमको अवसर क्यो नही मिला
अवसर मिला तो तुम सबसे आगे ।
मेरे पुतले को क्या जलाते हो
जलाना है तो अपनी बुराई को जलाये ।
हर साल मुझे जलाते हो ।
पर तुम खुद ये जानते हो मानते हो ।
मै नही जलता
इस लिऎ तो तुम मुझे हर साल जालाते हो
मै पुतले मे नही तुम मे रहता हुं ।
भ्रष्टाचार काला धन रिशवत की तुम करो लाख बुराई
पर तुमको रहता अफसोश कि तुमको अवसर क्यो नही मिला
अवसर मिला तो तुम सबसे आगे ।
मेरे पुतले को क्या जलाते हो
जलाना है तो अपनी बुराई को जलाये ।


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